Tuesday, 29 December 2015

ये होंगे 2016 में सोशल मीडिया के ट्रेंड

ये होंगे 2016 में सोशल मीडिया के ट्रेंड

Rohit kumar

सोशल मीडिया के लिए 2015 बेहद महत्वपूर्ण रहा है।फेसबुक की पहुंच एक अरब 49 करोड़ लोगों तक हो गई। इनमें से 131 करोड़ लोग मोबाइल पर फेसबुक देखने लगे। फेसबुक का वीडियो ट्रैफिक प्रतिदिन 4 अरब तक पहुंच गया और वह यू-ट्यूब को टक्कर देने लगा है। लाइव वीडियो दिखाने वाले एप पेरिस्कोप और मीरकाट शुरू हुए, इंस्टाग्राम की पहुंच 30 करोड़ लोगों तक हुई और उसने विश्व स्तर पर अपने विज्ञापन दिखाना शुरू कर दिए। यू-ट्यूब की पहुंच एक अरब लोगों तक होने लगी। 

सन् 2016 में सोशल मीडिया पर कुछ नए अभियान शुरू हो सकते हैं। लाइक, कमेंट्स और टैग के अलावा बाय इट जैसे बटन भी देखने को मिल सकते हैं। विज्ञापन एजेंसियां और उत्पाद अपना ध्यान अब सोशल मीडिया की ओर लगा रही हैं। इससे ई-कॉमर्स का एक नया बाजार खुलकर सामने आ सकेगा। ब्रांडिंग के लिए बड़ी-बड़ी कंपनियां सोशल मीडिया पर भरोसा बढ़ा सकती हैं और सोशल मीडिया ब्रांड इमेज तैयार करने के लिए एक शानदार जरिया हो सकता है।

फेसबुक अब अपने एक नए प्लेटफार्म की तलाश में है और इसका काम इंस्टेंट पब्लिशिंग का होगा। यहां आकर यूजर अपने या किसी और के कंटेंट को पब्लिश करा सकेगा। अभी इस बारे में प्रयास हो रहा है कि उसका रेवेन्यू मॉडल क्या होगा? इसके जरिए फेसबुक यूजर ज्यादा बड़े और गंभीर कंटेंट को भी पढ़ सकेगा। 

फेसबुक अपने खुद के एक सर्च इंजन की तैयारी में है। इसी के साथ एक पर्सनल अस्टिटेंट एम नाम का एप भी परीक्षण के दौर में है। इस सर्च इंजन की क्षमता गूगल, बिंग और याहू के सर्च इंजन की तुलना में तेज होने की संभावना है। फेसबुक चाहता है कि लोग अब सर्च के लिए गूगल या किसी और सर्च इंजन पर जाना बंद कर दें और फेसबुक से ही उनकी जरूरत पूरी हो जाए। 

एक अध्ययन के अनुसार, इंटरनेट पर लोग जितना समय खर्च करते हैं, उसका 28 प्रतिशत केवल फेसबुक के खाते में दर्ज है। फेसबुक की कोशिश है कि यह प्रतिशत और बढ़ जाए। सोशल मीडिया पर सोशल वीडियो का बोलबाला भी होने वाला है।

अभी लोग यू-ट्यूब, फेसबुक, वाइन, इंस्टाग्राम और स्नेपचैट जैसे वीडियो दिखाने वाली वेबसाइट पर जाते हैं। अब यह दायरा और बढ़ने वाला है। अब सोशल मीडिया में वीडियो की लहर आने वाली है, जिसमें लोग लिखने के बजाय वीडियो शेयर करना ज्यादा पसंद करेंगे। इन प्लेटफार्म पर वीडियो दिखाने के फ्रेम अलग-अलग हो सकते हैं। जैसे वाइड स्क्रीन, चोखट (स्कवेयर), वर्टिकल आदि।

2016 में लाइव स्क्रीमिंग का चलन भी बढ़ेगा। टीवी पर लाइव देखने की तरह ही मोबाइल या कम्प्युटर पर घटनाक्रम का लाइव प्रसारण देखना आसान होगा। सूचना जगत में यह एक और क्रांति की शुरुआत होगी, जब रेल या बस में बैठे-बैठे लोग देश और दुनिया की जानकारियां वीडियो के रूप में तो देख ही सकेंगे, अपने घर-परिवार की घटनाओं को भी साक्षात जान सकेंगे। 

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Rohit Kumar is My Technical Page (YouTubeChannel) Head and Photographer. He is always motivated and passionate for his work and always try to give his best. He always try to learn new things.

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