Saturday, 2 January 2016

अपने फेसबुक के दोस्तों की आईडी और मोबाइल नम्बर का पता लगाये और उन्हें गूगल+ के साथ जोड़े

अपने फेसबुक के दोस्तों की आईडी और मोबाइल नम्बर का पता लगाये और उन्हें गूगल+ के साथ जोड़े


गूगल+ आने के बाद इसे हर कोई इस्तेमाल करना चाहता है और जिन लोगो का फेसबुक पर अकाउंड होगा वो भी अपने फेसबुक के दोस्तों को गूगल+ के साथ जोड़ना चाहते होगे लेकिन आप लोगो के लिए मुसीबत ये होगी कि आपके पास फेसबुक के दोस्तों कि इमेल आईडी नहीं होगी आज मैं आपको ऐसा तरीका बताता हु जिसे करने के बाद आप अपने फेसबुक के दोस्तों की इमेल आईडी के साथ साथ उनके मोबाइल नम्बर का भी पता लगा सकते है चाहे वो किसी लडकी की आईडी हो या किसी लडके की और जब आपके पास अपने फेसबुक दोस्तों की इमेल आईडी आ जाये तब उन्हें फ्रैंड रिक्वेस्ट भेज सकते है आइये अब जानते है आपको ऐसा क्या करना होगा जिसे करने के बाद आप अपने दोस्तों की इमेल आईडी के साथ साथ उनके मोबाइल नम्बर का भी पता लगा सकते है


ये तरीका गूगल क्रोम के लिए है अगर आप गूगल क्रोम का इस्तेमाल नहीं करते तो आपको यहाँ क्लीक करके गूगल क्रोम डाउनलोड करना होगा उसके बाद यहाँ क्लीक करके वो प्लग इन टूल डाउनलोड करना होगा इसे इस्टोल करने के बाद अपने फेसबुक अकाउंड को लोगिन करे लोगिन करने के बाद आपके फेसबुक अकाउंड में एक्सपोर्ट फ्रेंड का आइकन आ जायेगा जेसा आप निचे चित्र में देख रहे है


इसके बाद फ्रैंड एक्सपोर्ट पर क्लीक करे क्लीक करने के बाद एक विंडोज खुलेगी पेज खुलने के बाद आपको “I have read the Terms of Service” पर क्लीक करके “Let’s get started.” पर क्लीक करना है जेसा आप निचे चित्र में देख रहे है 


इसे क्लीक करने के बाद थोडा इंतजार करे धीरे धीरे करके आपके फ्रैंड के ऊपर राईट का निशान आता जाएगा जैसा आप निचे चित्र में देख रहे है 


जब आपकी ये प्रक्रिया पूरी हो जाये तो ऊपर की और एक ओप्संश आ जायेगा जिसमे लिखा होगा This will export your contacts as a CSV file जैसा आप निचे चित्र में देख रहे है 


इसके बाद इस फाइल को क्लीक करके खोले और चित्र के अनुसार इस फाइल के टेक्स को नोटपेड खोलकर कॉपी कर ले और उसे कंप्यूटर में किसी भी नाम से सेव कर दे 


ये सब करने के बाद अपनी जीमेल आईडी को लोगिन करेऔर यहाँ क्लीक करके चित्र के अनुसार उस नोटपेड की फाइल को इम्पोर्ट कर ले जो आपने अपने कंप्यूटर में सेव करी थी 



अब आपके सारे फेसबुक के फ्रैंड की लिस्ट आपके गूगल वाली आईडी में इम्पोर्ट हो गयी है अब आप इनके नाम के ऊपर क्लीक करके इनकी आईडी और इनके मोबाइल नम्बर का पता लगा सकते हो 



अब बात करते है गूगल प्लस की अगर आप चाहते हो की आपके फेसबुक के फ्रैंड आपके साथ गूगल प्लस पर भी जुड़ जाये तो आप चित्र के अनुसार किसी भी फ्रेंड को सर्च कर सकते है क्युकी जो मेने आपको तरीका बताया है उसे करने के बाद आ बस अपने फ्रेंड का नाम डाले ऐसा करते ही आपके सामने वो फ्रैंड आ जाएगा जो आपके साथ फेसबुक से जुड़ा है जब नाम आ जाये तो उसकी आईडी देखकर उसे फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज दे अगर आप मेरे साथ गूगल प्लस पर जुड़ना चाहते हो तो 

Tuesday, 29 December 2015

फेसबुक में सिमट गई जिंदगी

फेसबुक में सिमट गई जिंदगी

फेसबुक में सिमट गई जिंदगी


थ्रीजी टेक्नोलॉजी व हाई स्पीड ब्रॉडबैंड के इस युग में हर कोई ऑनलाइन रहना पसंद करता है। दफ्तर से लेकर कॉलेज कैंपस या फिर घर की चहारदीवारी, हाथों में मोबाइल व लैपटॉप पकड़कर हर कोई अपने दोस्तों से चैट करता नजर आता है।

फेसबुक पर हर समय ऑनलाइन रहने से कॉलेज व दफ्तर जाने वाले युवाओं की दिनचर्या व्यस्त हो गई है। दिन भर दफ्तर में रहने के बावजूद शाम होते ही वे घर पर भी फेसबुक चलाने लगते हैं। जिससे न केवल उनका परिवार परेशान रहता है, अपितु वे रोजमर्रा के जरूरी काम भी नहीं कर पाते। वहीं छोटी उम्र के बच्चे भी फेसबुक पर व्यस्त होने से अपनी पढ़ाई पर सही ध्यान नहीं दे पाते।

जो वक्त उन्हें अपनी पढ़ाई में लगाना चाहिए, उसकी जगह वे फेसबुक पर लड़कियों से फ्लर्ट करते नजर आते हैं। बच्चों व युवाओं द्वारा फेसबुक पर ज्यादा देर तक समय बिताने से समाज में विकृति पैदा हो रही है, जिससे न केवल उनका स्वयं का नुकसान हो रहा है, अपितु वे अपने परिवारों से दूर होते जा रहे हैं।

युवा वर्ग मानता है कि हर किसी को अपना दोस्त बनाने का फेसबुक एक बेहतर जरिया है। जहां हम अपने विचारों का आदान-प्रदान कर सकते हैं। मोबाइल पर कम कीमत में नेट रिचार्ज कराने से फेसबुक पर लगातार ऑनलाइन रहते हैं। फेसबुक से हमें हर वक्त लेटेस्ट जानकारी मिलती रहती है, साथ ही हमें दूसरों से जुड़कर अपनी बातें शेयर करने का मौका भी निरंतर मिलता रहता है।

ND

वर्तमान में बदलते आईटी युग में थ्रीजी व हाईस्पीड मोबाइल टेक्नोलॉजी के आने से अब घर में ही पूरी दुनिया अपने इर्द-गिर्द दिखाई देती हैं। युवा मानते हैं कि किस फ्रेंड्स के कौन-से कमेंट कब आ जाएं, इसके लिए फेसबुक पर हर समय ऑनलाइन रहते हैं। बच्चे व युवा खासतौर से फेसबुक पर ऑनलाइन रहना पसंद करते हैं। लेकिन अभिभावकों की जिम्मेदारी है कि वे अपने बच्चों को फेसबुक का सीमित उपयोग ही करने दें, ताकि वे इसका गलत उपयोग न कर सकें।

इस बदलते दौर में बच्चों व युवाओं पर तो फेसबुक का भूत इस कदर चढ़ गया है कि अब वे अपना हर दुख-दर्द व खुशी अपने फेसबुक फ्रेंड से शेयर कर रहे हैं। इससे न केवल उनकी पढ़ाई अपितु सामाजिक जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ रहा है। जो बच्चे व युवा अभी तक सिर्फ पढ़ाई व अपने सहपाठियों को तवज्जो देते थे। वे अब फेसबुक पर ही दोस्ती करना पसंद कर रहे हैं।

ऐसे में माता-पिता को अपने बच्चों को फेसबुक के फायदे व नुकसान से अवगत कराना चाहिए, ताकि बच्चों के भविष्य निर्माण में कहीं कोई चूक न हो जाए।

Friday, 6 November 2015