Thursday, 14 July 2016

प्राइवेसी के लिए खतरा हैं स्मार्टफोन फीचर्स

प्राइवेसी के लिए खतरा हैं स्मार्टफोन फीचर्स

प्राइवेसी के लिए खतरा हैं स्मार्टफोन फीचर्स

रोहित कुमार

स्मार्टफोन के माइक और कैमरा आपके लिए खतरा हो सकते हैं. कई लोग बताते हैं कि ये आपके बारे में आसानी से जानकारी देते रहते हैं. हो सकता है कि स्मार्टफोन के माइक और कैमरा आपकी बातें सुन रहे हों, आप कहां हैं उसके बारे में फोटो या जानकारी ले रहे हों.

कई लोग जो ऐप डाउनलोड करते हैं, उनसे ये सभी करने की इजाजत मांग ली जाती है. अलग अलग समय पर लोगों ने पाया कि उनके स्मार्टफोन को जो भी उनके बारे में जानकारी रही, वो उनके लिए हैरानी की बात है.

इस रिपोर्ट के अनुसार बीबीसी के रिपोर्टर को अपने दोस्त के एक दुर्घटना का शिकार होने के बारे में पता चला. थोड़ी ही देर में उस दोस्त के बारे में जानकारी, जहां दुर्घटना हुई थी उस जगह के बारे में भी जानकारी, रिपोर्टर को अपने गूगल के सर्च बॉक्स में मिली.

ऐसी दूसरी घटनाओं के बारे में भी लोगों ने बात की है और इस रिपोर्ट में लिखा है कि कैसे घर में देख रहे टेलीविजन शो के बारे में गूगल सर्च को पता चल सकता है.

आपके बिना जाने स्मार्टफोन का कैमरा आपकी फोटो लेकर भेज सकता है

फोर्ब्स मैगजीन की इस रिपोर्ट के अनुसार आपके बिना जाने स्मार्टफोन का कैमरा आपकी फोटो लेकर भेज सकता है. इस रिपोर्ट के अनुसार स्मार्टफोन का माइक आपकी बातें भी सुन सकता है.

ऐसी कई और घटनाओं के बारे में आप इंटरनेट पर पढ़ सकते हैं. लेकिन ये जरूरी है कि सावधानी बरतें ताकि बाद में परेशानी नहीं हो.

स्मार्टफोन के माइक्रोफोन को तो डिसएबल नहीं किया जा सकता है क्योंकि कॉल आने पर बात करने के लिए वो जरूरी है. लेकिन कैमरे पर कुछ चिपका कर उसे डिसएबल कर सकते हैं. और जब जरुरत हो तभी उसे हटाकर इस्तेमाल कर सकते हैं.

अपने स्मार्टफोन की सेटिंग में जाकर माइक्रोफोन में चेक कर लीजिए, किन ऐप को माइक्रोफोन के लिए इजाजत दी गयी है. अगर आपकी बातों तक पहुंचने की इजाजत बंद करनी है तो उसे ऑफ कर दीजिए.

बिना सॉफ्टवेयर पेन ड्राइव पर एेसे लगाएं पासवर्ड का ताला

बिना सॉफ्टवेयर पेन ड्राइव पर एेसे लगाएं पासवर्ड का ताला

बिना सॉफ्टवेयर पेन ड्राइव पर एेसे लगाएं पासवर्ड का ताला

रोहित कुमार

पेन ड्राइव में ऐसा कंटेंट सेव करके रखा जाता है जो महत्वपूर्ण होता है. साथ ही कोशिश की जाती है कि उसका डाटा किसी अनजान व्यक्ति के हाथ न लगे. अगर आप भी ऐसा ही चाहते हैं तो बिना किसी सॉफ्टेवयर की मदद लिए अपनी पेन ड्राइव पर पासवर्ड का सुरक्षा कवच लगा सकते हैं. वहीं फोन में बिना किसी सॉफ्टवेयर के फोल्डर भी छिपाया जा सकता है.

एेसे करें लॉक- कंप्यूटर या लैपटॉप में ‘स्टार्ट’ पर क्लिक करते हुए ‘कंप्यूटर पैनल’ में जाएं. यहां दाईं तरफ ऊपर की ओर ‘व्यू बाई’ लिखा मिलेगा, उस पर क्लिक करके ‘लार्ज आइकन’ का चुनाव करें. इसके बाद BitLocker Drive Encryption पर क्लिक करें. नई स्क्रीन खुलने के बाद उसमें कंप्यूटर से जुड़ी हुई ड्राइव दिखाई देंगी. इसमें ‘पेन ड्राइव’ का विकल्प भी होगा जिसके सामने bit locker लिखा मिलेगा, उस पर क्लिक करें.

इसके बाद नई विंडो स्क्रीन खुलेगी जिसमें पेन ड्राइव के लिए पासवर्ड टाइप करना होगा. इसके बाद उस स्क्रीन पर ‘नेक्स्ट’ का विकल्प दिखाई देगा उस पर क्लिक कर दें और आगे बढ़ें. अब स्क्रीन पर दो विकल्प आएंगे जिसमें से ऊपर की ओर save the password लिखा मिलेगा उसे चुनें. इससे पेन ड्राइव सुरक्षित हो जाएगी.

Sunday, 14 February 2016

सेल्फ सर्विस पासवर्ड रीसेट

सेल्फ सर्विस पासवर्ड रीसेट

सेल्फ सर्विस पासवर्ड रीसेट

सेल्फ सर्विस पासवर्ड रीसेट ट्रिक्स का इस्तेमाल हम उस समय करते है जब सिक्योरिटी के लिए सेट किया हुआ पासवर्ड हम भूल जाते हैं या सिस्टम पासवर्ड एक्सेप्ट नहीं करता है। इस समस्या से निपटने के लिए या तो आपको प्रोफेश्नल हैकर की मदद लेनी पड़ती है या आम लोगों की तरह कम्प्यूटर फॉर्मेट करना होता है। लैपटॉप या डेस्कटॉप का पासवर्ड तोड़ने के कई तरीके होते हैं। अगर आप घर बैठे यह काम करना चाहते हैं तो इसके लिए तीन आसान तरीके हैं-

एडमिन का पासवर्ड तोड़ना

अब आती है बारी सबसे आसान ट्रिक की। अगर आपके कम्प्यूटर पर एडमिन का एंट्री लेवल पासवर्ड (कम्प्यूटर के बूट होते ही स्क्रीन पासवर्ड) सबसे आसान कुछ ट्रिक्स से तोड़ा जा सकता है। इसके लिए बस कुछ खास ट्रिक्स आजमानी पड़ेंगी।

सबसे पहले अगर आपका कम्प्यूटर लॉक हो गया हो तो उसे टास्क मैनेजर मोड पर ले जाएं।ऐसा करने के लिए “Ctrl+Alt+Delete” दबाना होगा। याद रहे डिलीट बटन को दो बार दबाएं।

अब जैसे ही यूजर नेम और पासवर्ड डालने का विकल्प स्क्रीन पर आएगा उसमें एडमिनिस्ट्रेटर (“Administrator” बिना कोटेशन के) अपने यूजर नेम की जगह लिखिए। याद रहे चाहें जो भी यूजर नेम हो जिस समय पासवर्ड को तोड़ने की बात हो सिर्फ “Administrator” का ही इस्तेमाल करें। इसके बाद पासवर्ड की फील्ड को खाली छोड़कर एंटर दबा दें। इससे तुरंत के लिए आपकी स्क्रीन खुल जाएगी। लेकिन अगर आपको पासवर्ड रीसेट करना है तो उसके लिए थोड़ी और मेहनत करनी पड़ेगी। पासवर्ड री-सेट करने के लिए “Start->Control Panel->User Accounts” पर जाएं। यहां आप अपना नया पासवर्ड सेट कर सकते हैं। याद रहे यह स्टेप विंडोज 7 में ही काम करेगा।

ओरिजनल विंडोज सीडी की मदद से

अगर आपके पास अपने कम्प्यूटर के ऑपरेटिंग सिस्टम की असली सीडी है (ओरिजनल विंडोज सीडी) तो आपका काम आसनी से हो सकता है।

अपने कम्प्यूटर को री-स्टार्ट कीजिए। अब विंडोज की सीडी को सिस्टम पर लगाईए। जैसे ही सिस्टम रीबूट होगा फिर से विंडोज इंस्टाल होने लगेगा।इसमें पासवर्ड री-सेट करने का विकल्प भी मिलेगा। अब अपना पासवर्ड री-सेट करके कम्प्यूटर को अनलॉक कर सकते हैं।

पासवर्ड हैकिंग सॉफ्टवेयर की मदद

इंटरनेट पर काम करते समय आपका सामना कई सारी परेशानियों से होता है। इन परेशानियों के हल के रूप में कई सारे सॉफ्टवेयर मुफ्त में उपलब्ध रहते हैं। यह होते हैं थर्ड पार्टी सॉफ्टवेयर इन्हें आसानी से डाउनलोड भी किया जा सकता है। थर्ड पार्टी सॉफ्टवेयर में कई ऐसे होते हैं जिनकी मदद से कम्प्यूटर का पासवर्ड तोड़ा जा सकता है। इसके लिए किसी दूसरे सिस्टम से हैकिंग सॉफ्टवेयर डाउनलोड कर किसी सीडी की मदद से अपने कम्प्यूटर पर चलाना होगा। ऐसा करने से पहले ध्यान में रखें की जिस भी सॉफ्टवेयर को डाउनलोड करें वह किसी रजिस्टर्ड कंपनी का हो। नहीं तो कई बार वायरस भी आपके सिस्टम में आ सकता है।

Sunday, 3 January 2016

अब हेकर्स का बाप भी आपकी आईडी हेक नहीं कर पायेगा अपनी जीमेल आईडी को सेफ करे

अब हेकर्स का बाप भी आपकी आईडी हेक नहीं कर पायेगा अपनी जीमेल आईडी को सेफ करे


आजकल हेकर्स ऐसे बहुत से लिंक और तरीको से आपकी आईडी हैक कर लेते है जिन पर क्लीक करने मात्र से ही आपकी आईडी हेक हो जाती है और आपको पता भी नहीं चलता कुछ ऐसे सोफ्टवेयर भी है जो आपके किबोर्ड से दबे हुवे हर बटन का रिकॉर्ड अपने पास रखते है ऐसे सोफ्टवेयर का इस्तेमाल अक्सर सायबर केफे में होता है जो आपकी आईडी बहुत ही आसानी से हेक कर सकता है
आज मैं आपको ऐसा ऐसा तरीका बताने जा रहा हु जिसे करने के बाद हेकर का बाप भी आपकी आईडी हेक नहीं कर सकता मैंने तो ये तरीका बहुत पहले से अपनाया हुवा है अब आप लोगो को बता रहा हु ताकि आप अपनी आईडी को हेक होने से बचा सके ये तरीका बस जीमेल की आईडी पर काम करता है इस तरीके को करने के बाद मान लिया किसी को आपकी आईडी का पासवर्ड पता भी चल जाता है तो वो आपकी आईडी नहीं खोल पायेगा क्युकी आपकी आईडी का कंट्रोल आपकी जेब में रखे मोबाइल में होगा अब मैं आपको बताता हु ये सब केसे होगा

सबसे पहले अपनी जीमेल की आईडी लोगिन करे फिर यहाँ क्लीक करके जीमेल की नयी सुविधा पर अपना मोबाइल नम्बर रजिस्टर कर दे जब आपका नम्बर रजिस्टर हो जायेगा तो आप अपनी जीमेल की आईडी दुबारा से लोगिन करे जब आप आईडी को लोगिन करेंगे तो एक कोड आपके मोबाइल पर आएगा वो कोड आपको उस बॉक्स में डालना होगा जो आईडी लोगिन करने के बाद आएगा अगर आप चाहोगे तो ये कोड आपके कंप्यूटर के लिए ३० दिन तक वेलिड होगा अगर आप ऐसा नहीं चाहते तो आपको हर बार लोगिन करने के बाद कोड डालना होगा और ये कोड हर कंप्यूटर पर अलग अलग डालना होगा ये आपकी जीमेल की एक ऐसी सुविधा है जिसे करने के बाद कोई भी आपकी आईडी हेक नहीं कर पायेगा क्युकी अगर हेकर को आपकी आईडी का पासवर्ड पता भी चल जाता है तो उसे आपकी आईडी लोगिन करने के बाद उस कोड की जरुरत होगी जो आपके मोबाइल में आएगा और ज्यादा जानकारी के लिए निचे दिए हुवे विडियो पर देखे या यहाँ क्लीक करे 

Windows Password Resetter Boot Disk बनाए और विंडो के पासवर्ड को तोड़े

Windows Password Resetter Boot Disk बनाए और विंडो के पासवर्ड को तोड़े

जैसा कि मैंने पहले भी कहा है कि हमारे कंप्यूटर में कभी कभी ऐसी परेशानी आ जाती है जिसकी वजह से हम अपना सर पकड़ कर बेठ जाते है कि अब करे तो क्या करे एक ऐसी ही परेशानी है विंडो का पासवर्ड भूलने की जिस के कारण आप बिना पासवर्ड डाले अपना कंप्यूटर नहीं खोल सकते आज कल मुझे बहुत से लोगो की मेल आ रही है जो मुझ से विंडो का पासवर्ड बदलने के बारे में पूछते है वेसे तो मैं उनकी मेल का जवाब दे देता हु लेकिन आज इसका तरीका अपने ब्लॉग पर भी दे रहा हु ताकि किसी को भी विंडो का पासवर्ड भूल जाने पर परेशानी का सामना न करना पड़े
वेसे मेरे साथ कभी ऐसी परेशानी नहीं आई लेकिन मेरे पास कभी कभी ऐसे कंप्यूटर और लेपटोप आ जाते है जिनका मुझे पासवर्ड तोडना होता है विंडो के पासवर्ड तोड़ने उसको रिपेयर करने के लिए मेरे पास जो सीडी है वो नेट की दुनिया में उपलब्ध नहीं है अगर उसका लिंक नेट पर होता तो आप तक जरुर पहुचाता लेकिन उस सीडी के बिना भी मैं आपको ऐसे टूल के बारे में बता रहा हु जिससे आप आसानी से विंडो के पासवर्ड को क्रैक कर सकते हो और जो मैं आपके लिए टूल लेकर आया हु वो बहुत ही छोटा है मात्र 28 एमबी का ये एक ISO फाइल है इसे डाउनलोड करने के बाद आपको बूटेबल सीडी बनानी होगी और उसे अपने सिस्टम में लगा कर अपने सिस्टम को सीडी से बूट करा कर आप आसानी से विंडो का पासवर्ड बदल सकते हो और आसानी से अपनी विंडो को खोल सकते हो 
इस फाइल को डाउनलोड करने के लिए यहाँ क्लीक करे और ये काम केसे करता है इसकी जानकारी के लिए आपको यहाँ क्लीक करना होगा

ऊपर का तरीका इस्तेमाल करके आप बूटेबल सीडी बना सकते हो लेकिन आजकल ऐसे भी सिस्टम आ रहे है जिसमे सीडी रोम नहीं होता उनके लिए भी मैं एक तरीका बताता हु वो लोग अपनी पेन ड्राइव को बूटेबल बना कर बहुत ही आसानी से विंडो के पासवर्ड को तोड़ सकते है
अगर आप पेन ड्राइव से पासवर्ड तोडना चाहते है तो सबसे पहले यहाँ क्लीक करके आपको वो टूल डाउनलोड करना होगा उसके बाद अपनी पेन ड्राइव को फोर्मेट करे और जो आपने फाइल डाउनलोड करी है उसे अनजिप करके उसके अन्दर दी हुई KonBootInstall फाइल को डबल क्लीक करके चलाना है जसे ही आप डबल क्लीक कर के उस फाइल को खोलोगे तो आपके स्क्रीन पर एक मेसज आयगा जिसमे आपको उस ड्राइव का नाम लिखना है जो आपकी पेन ड्राइव का नेम है मान लिया आपकी पेन ड्राइव G ड्राइव में खुलती है तो आपको G लिखना है और एंटर का बटन तबाना है ऐसे करते ही आपकी स्क्रीन पर इसके सक्सेश होने का मेसज आएगा मेसेज आने के बाद आप उस पेन ड्राइव से सिस्टम को बूट कराकर विंडो का पासवर्ड बदल सकते हो

नोट- पेन ड्राइव से कंप्यूटर को बूट करने के लिए आपके बूट वाले ओप्संश में युएसबी का ओप्संश होना चाहिए तब ही आपका सिस्टम पेन ड्राइव से बूट होगा

Saturday, 2 January 2016

एक उपयोगी जानकारी हैकर्स कैसे इस्तेमाल करते है गूगल को

एक उपयोगी जानकारी हैकर्स कैसे इस्तेमाल करते है गूगल को


इस बात मे कोई शक नही कि गूगल ने इंटरनेट जगत मे एक क्राति ला दी है। इसके सर्वज्ञानी सर्च से आप कोई भी मनपसंद विषय या वस्तु खोज सकते है या उसके बारे मे जानकारी प्राप्त कर सकते है। पर क्या आप इस बात से वाकिफ है कि बहुत से हैकर्स और करैकर्स भी गूगल का इस्तेमाल करते है। जी हां हैकर्स कई तरह से गूगल का इस्तेमाल कर अपने शिकार के बारे मे जानकारी जुटाते है। हालाकि वे आपकी ओर हमारी तरह साधारण सर्च न करके कुछ एडवांस सर्च और कमांड का उपयोग करते है। आज मै आपको बता रहा हू कुछ ऐसे ही एडवांस सर्च और तरीको के बारे मे जिन्हे हैकर्स और करैक्र्स इस्तेमाल करते है।

गूगल बना प्रोक्सी सर्वर 
इस अचूक तरीके का इस्तेमाल तब किया जाता है जब मेन सर्वर से कुछ वेबसाइट्स को बैन कर दिया गया है। हैकर्स गूगल को प्रॉक्सी सर्वर की तरह इस्तेमाल कर अपनी मनपसन्द वेबसाइड पर जा सकते है और वेबसर्वर एडमिनिस्ट्ेटर को इस बात की भनक भी नही होती वे इसके लिए गूगल ट्रांसलेट का उपयोग करते है। गूगल की इस सुविधा का इस्तेमाल आमतौर पर किसी भाषा के वाक्य को किसी दूसरी भाषा मे तब्दील करने के लिए किया जाता है। पर यदि हम वाक्य की जगह वेबसाइड का यूआरएल डालें तो वह किसी ओर भाषा मे हमारे सामने आएगी। यह इसलिए होता है क्योकि मेन सर्वर पर कोई भी वेबसाइड एसके आईपी एड्ेस और यूआरएल द्वारा बेन की जाती है और गूगल ट्रांसलेट इस्तेमाल करने पर (www.youtube.com) के वेबपेज पहले गूगल ट्रांसलेट पर ट्रांसलेट होते है और उसके बाद मेन सर्वर तक पहुंचते है। गूगल को इस तरह प्रॉक्सी सर्वर की तरह इस्तेमाल करने पर गुगल ट्रांसलेट का आईपी एड्ेस मेन सर्वर पर जाता है जिससे सर्वर को यह भ्रम होता है कि गूगल ट्रांसलेट की मांग कर रहे है न कि (www.youtube.com) की और उन्हे अपनी मनपंसद वेबसाइड ट्रांसलेट भाषा मिल जाती है।

हैकर्स गूगल द्वारा सेव किए गए कैश्ड पेज का इस्तेमाल भी करते है। इन्हे इस्तेमाल करने के लिए गूगल सर्च के पन्नो मे दिए गए किसी भी लिंक के नीचे दिए गए cached के लिंक को क्लिक करना होता है। इसके बाद जो पेज खुलते है वह असल मे गुगल द्वारा पहले से स्टोर किया हुआ पेज होता है। इससे हैकर्स बिना उस वेबसाइड के सर्वर पर जाए उस वेबसाइड को देख सकते है। यहां उन्हे सबसे बडा फायदा इस बात का मिलता है कि वेबसाइड के सर्वर पर उनके आईपी एड्ेस का सुराग नही रहता और उन्हे पकड़ना कठिन हो जाता है।

गूगल स्पेशल सर्च आपरेटर 
आपके सर्चिग के काम को आसान बनाने के लिए गूगल स्पेशल सर्च आपरेटर देता है इनसे आप अपनी सर्च को कई गुना आसान बना सकते है। निचे दिए गए कुछ ऐसे ही स्पेशल सर्च आपरेटर है जिनका हैकर्स बडे चाव से इस्तेमाल करते है।

site आपरेटर
site आपरेटर का इस्तेमाल हैकर्स किसी भी डोमेन के वेबसर्वर के नाम व उसके बारे मे अधिक जानकारी पाने के लिए करते है। उदाहरण के लिए गूगल सर्च मे (site:washingtonpost.com)(site:www.washingtonpost.com) का इस्तेमाल करने पर गूगल (www.washingtonpost.com) के अलावा (washingtonpost.com) डोमेन के बाकी सभी वेबसर्वर के वेबपेज रिटर्न करेगा। इससे हैकर्स को पता चल जाता है कि (www.washingtonpost.com) के अलावा (washingtonpost.com) डोमेन के और कितने वेबसर्वर है।

link आपरेटर
link आपरेटर का इस्तेमाल करने पर गूगल वह वेबपेज रिर्टन करता है जो एक स्पेसीफाइड यूआरएल का link करते है। उदाहरण के लिए गूगल मे (link:www.youtube.com) करने पर वह वेबपेज रिटर्न आते है जिनमे कहीं ना कहीं (www.youtube.com) का लिंक हो।

ext आपरेटर
ext आपरेटर का इस्तेमाल करने पर गूगल वह वेबपेज रिर्टन करता है जिनका एक खास एक्सटेंशन हो। यह खास एक्सटेंशन आप गूगल सर्च मे ही देते है। उदाहरण (hacker ext:pdf) सर्च करने पर वह pdf फाइल्स रिटर्न आती है जिनके नाम मे hacker आता है।

inurl आपरेटर
inurl आपरेटर गूगल के सबसे शक्तिशाली आपरेटर्स में से एक है। इसका इस्तेमाल करने पर केवल वह वेबपेज आते है, जिनके यूआरएल मे एक खास शब्द या वाक्य आता है। उदारणतया inurl:hacking सर्च करने पर वह वेबपेज रिटर्न आते है। जिनके यूआरएल मे hacking शब्द आता है।

cache आपरेटर
cache आपरेटर इस्तेमाल करके आप किसी वेबसाइड के गूगल द्वारा कैश्ड पेजेज को देख सकते है। आपको सिर्फ (cache:www.yahoo.com) सर्च करना होगा और गूगल आपको yahoo के कैश्ड पेजेज दिखा देगा।

intext आपरेटर
intext आपरेटर का इस्तेमाल कर हैकर्स गूगल से वह वेबपेजेज रिटर्न करवाते है। जिनके बॉडी कन्टेन्ट मे कोई खास शब्द आता है। आपको सिर्फ intext:hacking सर्च करना होगा और गूगल आपको वह वेबपेज रिटर्न करेगा जिनके अन्दर hacking शब्द लिखा होगा। हैकर्स इसका भी काफी उपयोग करते है। याद रहे कि intext आपरेटर सिर्फ बॉडी टेक्स्ट को ही पकड़ पाता है न कि लिंक, टाइटल और यूआरएल के शब्दो को।

intitle आपरेटर
intitle hacking सर्च करने से वही वेबपेज रिटर्न आते है, जिनके टाइटल बार मे hacking शब्द आता है।

related आपरेटर
related आपरेटर का हैकर्स तब प्रयोग करते है जब उन्हे किसी वेबसाइड से मिलती जुलती कई और वेबसाइड के बारे मे पता करना होता है। अब आप भी इस सर्च का प्रयोग कर सकते है। आपको करना सिर्फ यह होगा कि गूगल सर्च मे (related:www.yahoo.com)लिखें और गूगल आपको याहू जैसे कई और सर्च इंजन के नाम बता देगा। यह आप किसी भी वेबसाइड के साथ कर सकते है

अब आप जान चुके है कि हैकर्स अपने सर्च को आसान कैसे बनाते है। हालाकि हैकर्स इन आपरेटर से और भी बहुत कुछ कर सकते है जिसकी जानकारी मै आपको बहुत जल्दी दुंगा जिसमे मै आपको पासवर्ड की जानकारी, लाइव कैमरा, वेबसर्वर का वर्जन नंबर ज्ञात करना बताउंगा तो इंतजार किजिए मेरी अगली पोस्ट का आपको ये जानकारी केसी लगी कमेंट्स देकर बताये जरुर