Thursday, 5 November 2015

मेरे डायरी मेरे पन्ने

                               डायरी का डर

एक नेता जी
चन्दा डकार गये एक कार्यकर्ता को हडका रहे थे/
उसे चरित्र व सिध्दान्त का अर्थ समझा रहे थे/
कह रहे थे - तुमने चन्दा खाकर
मेरे एकाधिकार और अपने चरित्र को
फाँसी पर लटका दिया हैं/
अर्थात - मेरे देश खाने की योजना को
जोरदार झटका दिया हैं/
तेरे इस अपराध का क्या किया जायें/
तुझे मार दिया जाए या छोड़ दिया जायें/
जबाब में कार्यकर्ता ने झोले से एक डायरी निकाली
हथेली पर तौली हवा में उछाली /
फिर कैच करतें हुएं बोला ---
आपके जबाब में मैं भला क्या  बोलुँ
इजाजत हो तो डायरी खोलूँ
डायरी का नाम सुनते ही नेता घबरा गया
उसका गुस्सा कुत्तूबमीनार से उतर कर मेन होल में आ गया
बोला - नालायक, चालबाज, गुन्डा, शातिरचोर,
खलनायक, बन्ड॒लबाज, नमकहराम,चन्दाचोर
तुझे इसमे जो जी आये बोल
पर भगवान के लिए डायरी मत खोल
क्योकि एक डायरी खुलनें सें
भले भलो की कलई खुल गयी हैं/
देश की मजबुत कुर्सी हिल गई हैं/
और प्रजातन्त्र की इज्जत मिट्टी में मिल गई हैं!!!
                                        
                                                     ROHIT KUMAR

               

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Rohit Kumar is My Technical Page (YouTubeChannel) Head and Photographer. He is always motivated and passionate for his work and always try to give his best. He always try to learn new things.

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